27 February, 2014

निराला सम्मान डलमऊ 21-02-2014

निराला स्मृति संस्थान, डलमऊ (रायबरेली) की ओर से शुक्रवार 21 फरवरी 2014 को महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की जयंती पर सम्मान समारोह आयोजित हुआ। साहित्यकार डॉ. जगदीश व्योम (दिल्ली) और ओम धीरज (रायबरेली) को निराला सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके अलावा रहमान अली को मुल्ला दाउद सम्मान से सम्मानित किया गया, डा० मिथिलेश दीक्षित को मनोहरा देवी स्मृति सम्मान दिया गया परन्तु मिथिलेश दीक्षित समारोह में उपस्थित नहीं हो सकीं। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व आई.जी. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कवि निराला के साहित्यिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने समाज के हित में कई कविताएं लिखीं। साहित्यकार समाज के सच्चे हितैषी होते हैं। उनमें से कवि निराला एक हैं। उनकी कविताएं समाज में व्याप्त कुरीतियों पर करारा प्रहार करती हैं। नवगीतकार और हाइकुकार डा० जगदीश व्योम ने अपना एक नवगीत पढ़ते हुये कहा कि निराला ने मानवीय मूल्यों की जिस थाती को कठिन संघर्ष करते हुये बचाकर रखा, उसे सँभाल कर रखना आज के साहित्यकारों का दायित्व है, निराला स्मृति संस्थान के आयोजक जिस विनम्रता और सेवाभाव से यह समारोह आयोजित करते हैं उसकी मिसाल और जगह कम ही मिल पाती है। विशिष्ट अतिथि के.के. चौधरी एडी.एम. फतेहपुर ने कहा कि निराला की कविताएं भावपूर्ण और क्रांतिकारी थीं। आज के कवियों को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। उनकी साफ-सुथरी साहित्यिक शैली ने सभी को अपना प्रशंसक बनाया।निराला संस्थान के संस्थापक राजाराम भारतीय ने कहा कि कवि निराला समाज के अच्छे मार्गदर्शक थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि निराला ने सदैव समाज के हित में कार्य किया है। इस दौरान रामनिवास पंथी की पत्रिका महाप्राण, अपना राज बिराज का विमोचन हुआ। संचालन जय चक्रवर्ती ने किया। इससे पहले सुबह संस्थापक राजाराम भारतीय, नगर पंचायत चेयरमैन कंचन श्रीवास्तव, शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने कस्बे के पथवारी गंगा घाट पर निराला की पत्नी मनोहरा देवी की स्मृति में उनकी प्रतिमा स्थापित की। इस मौके पर सूर्य प्रसाद शर्मा, दुर्गाशंकर वर्मा, सूबेदार वाजपेयी, महावीर सिंह मौजूद रहे।


















निराला सम्मान डलमऊ 21-02-2014
















26 February, 2014

निराला सम्मान डलमऊ 21-02-2014










निराला सम्मान डलमऊ 21-02-2014

निराला स्मृति संस्थान, डलमऊ (रायबरेली) की ओर से शुक्रवार 21 फरवरी 2014 को महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की जयंती पर सम्मान समारोह आयोजित हुआ। साहित्यकार डॉ. जगदीश व्योम (दिल्ली) और ओम धीरज (रायबरेली) को निराला सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके अलावा रहमान अली को मुल्ला दाउद सम्मान से सम्मानित किया गया, डा० मिथिलेश दीक्षित को मनोहरा देवी स्मृति सम्मान दिया गया परन्तु मिथिलेश दीक्षित समारोह में उपस्थित नहीं हो सकीं। 
समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व आई.जी. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कवि निराला के साहित्यिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने समाज के हित में कई कविताएं लिखीं। साहित्यकार समाज के सच्चे हितैषी होते हैं। उनमें से कवि निराला एक हैं। उनकी कविताएं समाज में व्याप्त कुरीतियों पर करारा प्रहार करती हैं। नवगीतकार और हाइकुकार डा० जगदीश व्योम ने अपना एक नवगीत पढ़ते हुये कहा कि निराला ने मानवीय मूल्यों की जिस थाती को कठिन संघर्ष करते हुये बचाकर रखा, उसे सँभाल कर रखना आज के साहित्यकारों का दायित्व है, निराला स्मृति संस्थान के आयोजक जिस विनम्रता और सेवाभाव से यह समारोह आयोजित करते हैं उसकी मिसाल और जगह कम ही मिल पाती है। विशिष्ट अतिथि के.के. चौधरी एडी.एम. फतेहपुर ने कहा कि निराला की कविताएं भावपूर्ण और क्रांतिकारी थीं। आज के कवियों को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। उनकी साफ-सुथरी साहित्यिक शैली ने सभी को अपना प्रशंसक बनाया।निराला संस्थान के संस्थापक राजाराम भारतीय ने कहा कि कवि निराला समाज के अच्छे मार्गदर्शक थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि निराला ने सदैव समाज के हित में कार्य किया है। इस दौरान रामनिवास पंथी की पत्रिका महाप्राण, अपना राज बिराज का विमोचन हुआ। संचालन जय चक्रवर्ती ने किया। इससे पहले सुबह संस्थापक राजाराम भारतीय, नगर पंचायत चेयरमैन कंचन श्रीवास्तव, शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने कस्बे के पथवारी गंगा घाट पर निराला की पत्नी मनोहरा देवी की स्मृति में उनकी प्रतिमा स्थापित की। इस मौके पर सूर्य प्रसाद शर्मा, दुर्गाशंकर वर्मा, सूबेदार वाजपेयी, महावीर सिंह मौजूद रहे।



17 November, 2013

पं० हरप्रसाद पाठक बाल साहित्य पुरस्कार

वर्ष 2013 का पं० हरप्रसाद पाठक बाल साहित्य पुरस्कार, मथुरा के कवि एवं बाल साहित्यकार सन्तोष कुमार सिंह को उनकी पुस्तक ‘मनभावन बाल कहानियाँ’ के लिए दिया गया है। डा० दिनेश पाठक ‘शशि’ द्वारा अपने पिता जी की स्मृति में दिया जाने वाला यह पुरस्कार आर०बी०एस० पब्लिक स्कूल मथुरा के सभागार में में आयोजित बाल साहित्य समारोह में श्री सन्तोष कुमार सिंह को प्रदान किया गया। बाल साहित्य समीक्षा पत्रिका के सम्पादक एवं बाल साहित्यकार डा० राष्ट्रबन्धु, साहित्यकार डा० अनिल गहलौत, आगरा के श्री अधीर एवं उमेश पाठक ने सामूहिक रूप से सम्मान पत्र एवं दो हजार एक रुपए की सम्मान राशि प्रदान की। इस अवसर पर अनेक साहित्यकार एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित थे जिनमें डा० रामनिवास शर्मा अधीर, डा० रमाशंकर पाण्डे, के०उमराव विवेकनिधि, गजलकार मदन मोहन अरविन्द, डा० सरोज अग्रवाल, डा० वृन्दावनदास पाण्ड्या, डा० एस०के०सिंह, मथुरा के प्रसिद्ध नवगीतकार मुनीश मदिर, अनुपम गौतम, अशोक अज्ञ, मोहन मोही, कानपुर के आशीष शुक्ला, सागर पाठक, आकाश पाठक, आशुतोष सिंह, जितेन्द्र विमल, डा० सन्तशरण शर्मा, अजय आचार्य, नीरज शास्त्री, शाशि पाठक, मनुज भारत, जितेन्द्र चौधरी एवं मूलचन्द आदि उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में डा० दिनेश पाठक शशि के भारतीय रेलवे के हिन्दी साहित्यकारों पर किये गये महत्वपूर्ण ‘शोध ग्रन्थ’ का लोकार्पण भी किया गया। इस अवसर पर उपस्थित कवियों नें अपनी कविताएँ आमंत्रित श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत कीं।

सन्तोष कुमार सिंह, डा० अनिल गहलौत, डा० राष्ट्रबंधु

सन्तोष कुमार सिंह, डा० अनिल गहलौत, डा० राष्ट्रबंधु